गीता का उपदेश:
"हे अर्जुन, जीवन एक युद्ध है, जिसमें तुम्हें अपने मन के विकारों से लड़ना होगा। लेकिन घबराओ नहीं, क्योंकि तुम्हारे अंदर एक शक्तिशाली आत्मा है।
"कर्म करो, फल की चिंता मत करो। अपने कर्तव्य को पूरा करो, और परिणाम भगवान पर छोड़ दो।
"जो होता है, अच्छे के लिए होता है। इसलिए, शांत रहो, और अपने मार्ग पर चलते रहो।
"तुम्हारी असली पहचान तुम्हारा शरीर नहीं, बल्कि तुम्हारी आत्मा है। इसलिए, अपने आत्मा को पहचानो, और उसके अनुसार जीओ।
"याद रखो, भगवान हमेशा तुम्हारे साथ हैं। बस, अपने मन को शांत रखो, और उनकी आवाज सुनो।"
*नैतिकता:* जीवन में कर्म, शांति, और आत्म-ज्ञान के मार्ग पर चलने से ही सच्ची शांति और सफलता मिलती है।
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